एक दिवसीय, संगोष्ठी में नैनो तरल यूरिया के फायदें बताएंआगर के सभाकक्ष,में परियोजना,संचालक ’’आत्मा’’ कृषि विभाग, कृषि विज्ञान ,केंद्र एवं इफको कंपनी, के द्वारा एक दिवसीय, संगोष्ठी का आयोजन, किया गया।
आगर-मालवा, 30 नवम्बर/ इफको नैनो यूरिया तरल के उपयोग हेतु जिले के कृषक आदान विक्रेता एवं कृषि विभाग के स्टॉफ के लिए कृषि विज्ञान केंद्र आगर के सभाकक्ष में परियोजना संचालक ’’आत्मा’’ कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं इफको कंपनी के द्वारा एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. आरपीएस शक्तावत ने नैनो यूरिया तरल के उपयोग के संबंध में विभिन्न फसलों में छिड़काव करने के तरीके एवं मात्रा के बारे में बताया। साथ ही बुवाई के समय पर अन्य स्त्रोतों में नत्रजन की आधी मात्रा उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया की 4 एम.एल. मात्रा गेहूं जौ ज्वार मक्का जैसी अनाज वाली फसलों में तथा दो एम.एल. मात्रा प्रति लीटर अन्य फसलें जैसे आलू सरसों आदि फसलों में 125 लीटर पानी प्रति एकड़ के हिसाब से 25 से 30 दिन एवं 40 से 45 दिन की अवस्था पर छिड़काव करें
प्रशिक्षण में उप संचालक कृषि ए.के. तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी के.आर. सालमी, इफको क्षेत्रीय प्रबंधक महेन्द्र पटेल, डी.एम.ओ. परमार के साथ ही वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी उपस्थित रहे तथा 70 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
उपसंचालक कृषि द्वारा कृषकों को बताया कि यूरिया खाद की तुलना में नैनो तरल सस्ता रहता तथा परिवहन में आसानी होती तथा लागत की कमी के साथ-साथ उत्पादन में 8 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है और मिट्टी का स्वास्थ्य खराब नहीं होता। इफको कंपनी के माध्यम से महेंद्र पटेल ने वीडियो फिल्म के बारे में नेनो यूरिया तरल किस प्रकार से काम करता है, साथ ही यूरिया के कारण से मृदा जल एवं पर्यावरण में होने वाले नुकसानों की जानकारी दी।
डीएमओ परमार ने बताया कि नैनो यूरिया तरल की उपलब्धता जिले में 12,600 बोतल उपलब्ध है तथा साथ ही यदि आगे भी मांग रहती है तो कंपनी के माध्यम से उपलब्ध करा दी जाएगी। यदि कोई विक्रेता उर्वरक हेतु कीमत निर्धारित की गई है उससे अधिक कीमत पर यदि कोई बेचता है तो कार्यालयीन सहायक संचालक कृषि एनवी वर्मा के मोबाइल नंबर 9424550013 पर सूचित करें।