शाजापुर,दूसरों,को परेशानी,में डाल रहे हैं. इसी बीच शाजापुर जिले में भी बड़ी लापरवाही देखने को मिली है,
अंकित दुबे -शाजापुर। मध्यप्रदेश में बारिश कई आफत लेकर आ रही है. नदी नाले उफान पर हैं. तेज बहाव में लापरवाह लोग बह रहे हैं. अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. अपनी जान के साथ दूसरों को परेशानी में डाल रहे हैं. इसी बीच शाजापुर जिले में भी बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. बिकलाखेड़ी में चीलर नदी के उफनते नाले को पार करते समय बच्चों से भरी स्कूली बस अचानक बंद हो गई. आधी बस पानी से डूब गई. बस में बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई. बच्चों की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए बच्चों से भरी बस को ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाला. तब जाकर सबने राहत की सांस ली.
आधे घंटे तक अटकी रहीं सांसे
दरअसल शाजापुर जिले के ग्राम बिकलाखेड़ी में बिकलाखेड़ी-धाराखेड़ी रोड पर चीलर नदी है, जहां बारिश के कारण उफान पर है. बावजूद इसके बच्चों से भरी एक स्कूली बस नाले को पार कर रही थी, जो कि बीच में ही बंद हो गई. बस में करीब 50 बच्चे बैठे हुए थे. जैसे ही उफनते नाले पर स्कूली बस बंद हुई, वैसे ही बस में बैठे बच्चों ने चिलाना शुरू कर दिया. बच्चों की चीख-पुकार सुनकर नाले के किनारे पर खड़े ग्रामीणजनों ने साहस दिखाई. ट्रैक्टर के माध्यम से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला. आधे घंटे तक बस में बैठे बच्चों की जान आफत में पड़ी रही.
अपेक्स स्कुल की है बस
फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उन्हें अपने-अपने घरों पर पहुंचा दिया गया है. जानकारी के मुताबिक ग्राम तिलावत में स्थित अपेक्स स्कूल की यह बस बताई जा रही है. धाराखेड़ी औऱ लाहोरी से स्कूली बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी, तभी धाराखेड़ी-बिकलाखेड़ी रोड पर उफनते हुए नाले को पार करते समय बस बंद हो गई. देखते ही देखते आधी बस पानी में डूब गई. गनीमत रही कि ग्रामीणों ने समय रहते अपनी जान खतरे में डालकर स्कूली बस को बाहर निकाल लिया. वरना बड़ा हादसा हो सकता था.
प्रतिबंध के बावजूद पार करते हैं उफनती पुलिया
अधिकांश जगहों पर संकेत के माध्यम से लोगों को उफनती हुई पुल-पुलिया को पार नहीं करने के निर्देश होते हैं. बावजूद उसके वाहन चालक शासन के तमाम नियमों को ताक में रखकर पुल-पुलिया को पार करते हैं. वाहनों में बैठे लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं. इस तरह की घटनाएं होती है. ऐसे में पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें.