जनसुनवाई आयोजित, 62 आवेदन प्राप्त
आगर-मालवा, 05 मार्च/प्रति मंगलवार की भांति इस मंगलवार को भी जिला मुख्यालय पर जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए 62 आवेदको ने अपनी-अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किये। सीईओ जिला पंचायत श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर एवं अपर कलेक्टर श्री आरपी वर्मा ने आवेदकों से आवेदन प्राप्त करते हुए निराकरण योग्य आवेदनों का अधिकारियों से मौके पर ही निराकरण करवाया तथा शेष आवेदन निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए। डिप्टी कलेक्टर श्रीमती किरण बरवडे सहित जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में सुईगांव निवासी कृषक मोहनसिंह ने विद्युत लाईन फाल्ट हो जाने से गेहूं की फसल जलकर नष्ट होने पर क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करवाने हेतु आवेदन दिया। आवेदक ने बताया कि 01 मार्च को विद्युत लाईन फाल्ट हो जाने से खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई है, जिसमें लगभग 40 हजार रुपए से अधिक की आर्थिक हानि हुई है। संबंधित से क्षतिपूर्ति करवाई जाए।
ग्राम पुरा उर्फ साहब नगर निवासी कृषक रामचन्द्र ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि नहीं मिलने पर आवेदन दिया। आवेदक ने बताया कि पूर्व में किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा था, अब राशि मिलना बंद हो गई है, जांच कर शेष किश्तों का भुगतान करवाया जाए।
नलखेड़ा निवासी अमरसिंह ने दिव्यांग होने पर ट्रायसिकल प्रदान करवाने हेतु आवेदन दिया। आवेदक ने बताया कि गंभीर बीमारी के कारण एक पैर कट जाने पर स्थायी दिव्यांगता हो गई है, जिसके कारण चलने-फिरने सहित अन्य परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन की योजना में ट्रायसिकल प्रदान करवाई जाए।
ग्राम सुनारिया निवासी बनालाल ने घुटने के उपचार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करवाने हेतु आवेदन दिया। आवेदक ने बताया कि सड़क दुर्घटना की वजह से पैर का घुटना टूट गया है, जिसका समुचित उपचार करवाने के लिए पैसे नहीं होने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन की योजना में उपचार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करवाई जाए।
कानड़ निवासी बाबूलाल ने एनपीएस की राशि एवं पेंशन चालू करवाने हेतु आवेदन दिया। आवेदक ने बताया कि वह शासकीय छात्रावास कानड़ से चौकीदार के पद से 30 जुलाई 2022 को सेवानिवृत्त हुआ है, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली एनपीएस की राशि का भुगतान विभाग द्वारा अब तक नहीं किया गया है, साथ ही पेंशन भी चालू नहीं की है, जिससे परिवार के भरण-पोषण में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद भी कार्य नहीं किया जा रहा है।