क्या,राजस्थान,के दिग्विजयसिंह,साबित,होंगे,अशोक गहलोत? संकट,के बादल,मंडराये,सरकार,अल्पमत,में,

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क्या,राजस्थान,के दिग्विजयसिंह,साबित,होंगे,अशोक गहलोत? संकट,के बादल,मंडराये,सरकार,अल्पमत,में,

गिरी तो दोषी कौन? — मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह जी को लोग आज भी श्रीमान् बंटाधार के नाम से जानते है क्योंकि इन्होंने 10 साल के अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल मे प्रदेश का बंटाधार कर दिया था…..2018 मे सिंधिया को चेहरा बनाकर कार्यकर्ताओ की मेहनत से 15 साल बाद बनी मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को पर्दे के पीछे से चलाने लगे फलतः कमलनाथ जी भूतपूर्व हो गए ।

मध्यप्रदेश मे कांग्रेस सरकार गिरने का कारण दिग्विजय सिंह थे ।वही हालात राजस्थान के है सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री जरूर है लेकिन सरकार मे चलती है सिर्फ अशोक गहलोत की । लेकिन अशोक गहलोत दिग्विजयसिंह की तरह अलोकप्रिय और विवादित व्यक्ति नही है तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री है राजस्थान की राजनीति मे प्रभावशाली वर्गो राजपूत, जाट, मीणा, ब्राह्मण,गुर्जर कायस्थ और वैश्य नेताओ को पीछे छोड़ते हुए पिछड़ी जाति (माली) से आते है।और राजस्थान मे कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे है.. ।

राजस्थान के युवाओ की पहली पंसद भले ही सचिन पायलट हो लेकिन जनता, कार्यकर्ताओ तथा विधायको का एक बडा वर्ग अशोक गहलोत के साथ भी है । अशोक गहलोत दिग्विजयसिंह की तरह न तो भगवा आतंकवाद की बात करते है और न ही मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति । अपनी सरकार के अच्छे कामो की वजह से मोदीजी तक से शाबाशी पा चुके है । वही कोरोना महामारी के नियंत्रण मे राजस्थान ने जो सफलता पाई उसकी तारीफ पूरी दुनिया करती है ।खैर ये तो पुराने समय की बाते हो गई ताजे हालात तो ये है कि चाहे मानसून के घने काले बादल राजस्थान से दूर हो लेकिन अशोक गहलोत सरकार पर घने संकट के बादल गहरा रहे है ।

सरकार अल्पमत मे है और यदि राजस्थान मे भी कांग्रेस की सत्ता से विदाई होती है तो दोषी कौन? ? न सचिन पायलट और न ही अशोक गहलोत बल्कि कांग्रेस का केन्द्रीय नेतृत्व ( हाईकमान ) क्योंकि रोम जल रहा था और रोमन सम्राट नीरो चैन की बांसुरी बजा रहा था

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