राजनीति विज्ञान विभाग, महात्मा गाँधी, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, (बिहार ) की कलम से कोरोना,
Covid – 19 के दौरान वाजितपुर पंचायत के मनोरा- गाँव, अंचल- बहादुरपुर, जिला – दरभंगा (बिहार ) के निवासियों ने बिहार सरकार की योजनाओं में जनप्रतिनिधियों के उदासीनता के खिलाफ डीएम, सीओ, और मुख्यमंत्री को आवेदन ई-मेल के द्वारा दिया गया।
जिसमें जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया।
1.वाजितपुर पंचायत में करोना महामारी के संक्रमण के लिए लागू लॉकडाउन में जिन लोगों का
पीएचएच ( PHH) प्राप्त परिवारो के अंतर्गत गरीब किसान, दिहाड़ी मजदूर, ऑटो, रिक्शा चालक, एवं छोटे छोटे व्यवसाय करने वाले लोग आते है। इन्हें सरकार के द्वारा (PHH ) श्रेणी में आज तक शामिल नहीं किया गया है। जो कोरोना (Covid-19) वैश्विक महामारी के इस दौर में इन लोगों को (Hand to mouth) की नौबत हो गई है। इस परिस्थिति में वाजितपुर पंचायत के मुखिया तथा जनवितरण विक्रेताओं के द्वारा किसी प्रकार का भी सहयोग इन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।
इसलिए आप कृपया करके इन्हें (PHH) राशन कार्ड सात 7 दिनों के अंदर निर्गत करे।
जिन लोगों का राशन कार्ड नहीं बना है, या जिन लोगों का राशन कार्ड पेंडिग एवं रिजेक्टेड है, उनके आवेदनों की पुर्नसमीक्षा कर राशन कार्ड यथाशीध्र निर्गत किया जाय, तत्काल आपदा के समय में इन सभी जरूरतमंद लोगों को तीन (3) महीनों तक खाद्य सामग्री दिलवाने की कृपा करें, ताकि इस विपदा की घड़ी में उनलोगों को सरकार से सहायता प्राप्त हो सके।
अभी जो सरकार के द्वारा राशन कार्ड धारियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, वह लाभ इन्हें भी मिले, जिससे ये गरीब मजदूर और जरूरतमंद लोग इससे वंचित न रह जाये, साथ ही ये गरीब लोग भुखमरी का शिकार नहीं हो सके।
समस्त ग्रामवासियों का कहना है कि पंचायत के मुखिया एवं बीडीओ, सीओ,और एसडीओ को मौखिक एवं दूरभाष से कई बार अपनी समस्या से अवगत कराने के बावजूद भी अब तक समस्या का निदान नहीं हो सका।
ऐसी स्तिथि में मैंने अपने साथियों के साथ मानवता को ध्यान में रखते हुए बाहर से आए हुए लोगों का (Covid-19) टेस्ट करवाया व गांव में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी करवाया और साथ ही 50 जरूरतमंद परिवारों को एक (1) माह का राशन भी दिलवाया ।
विजय शंकर चौधरी
शोधार्थी,
राजनीति विज्ञान विभाग,
महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी, बिहार