बिल चुकाने के लिए पैसा नहीं बचा तो अस्पताल ने 80 वर्षीय मरीज बिस्तर से बांध दिया. इन्हें मध्य प्रदेश के शाजापुर सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पांच दिन भर्ती रहे. परिजनों ने दो बार में 11 हजार रुपये का बिल जमा किया. अस्पताल ने 11 हजार रुपये और मांगे. बेटी ने कहा कि अब पैसा नहीं है, हमें अब घर जाने दो. इस पर अस्पताल ने कहा कि जब तक पूरा बिल नहीं चुकाया जाता, आप मरीज को नहीं ले जा सकते.
बुजुर्ग की बेटी का आरोप है कि उसके 80 वर्षीय पिता को अस्पताल के कर्मियों ने बिस्तर पर रस्सियों से बांध दिया. बाद में स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप करके बुजुर्ग को अस्पताल से छुड़वाया.
सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, रेलवे सब प्राइवेट हाथों में बेचना चाहती है. अस्पताल प्राइवेट बनिये के पास होगा तो वह बिल न चुका पाने के लिए आपको बांध देगा. किडनी निकाल लेगा. मुस्टंडे भेजकर पिटवा देगा.
सरकार चाहती है कि देश की सारी सुविधाएं ठाकुर का कुआं हो जाएं. सरकार चाहती है कि देश के स्कूल और अस्पताल शाहूकार का ठीहा हो जाएं. इससे क्रोनी पालने में मदद मिलेगी. पर आप ऐसा क्यों चाहते हैं? वह तो आपको बिस्तर से बांध देगा. जो लोग रोज रोज टैक्सपेयर के पैसे की चिंता में दुबले होते रहते हैं, इन बुनियादी बातों पर उन्हें भी कभी कोई सवाल नहीं सूझता.
✍️krishn kant